Maa Shailputri Navratri Puja: कैसे पड़ा माता का नाम ‘शैलपुत्री’, जानें कथा, पूजा विधि, स्तुति मंत्र और आरती

Maa Shailputri Navratri Puja: हर दिन माता के अलग स्वरूप की आराधना या फिर कह लीजिए की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें की माता रानी का ये रूप भक्तों को मनचाहे वरदान का आशीर्वाद प्रदान करता है। ऐसी मान्यता है कि मां की पूजा से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है। मां को आखिर कैसे मिला शैलपुत्री नाम, Maa Shailputri Aarti, स्तुति मंत्र, Maa Shailputri Puja Vidhi

Maa Shailputri Katha: ऐसे पड़ा मां शैलपुत्री नाम

नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना होती है, बता दें की पहले दिन भक्त माता शैलपुत्री की आराधना करते हैं। पौराणिक कथा के मुताबिक, मां पिछले जन्म में शिव जी की अर्धांगिनी (सती) और दक्ष की पुत्री थीं।

एक बार की बात है जब दक्ष ने महायज्ञ का आयोजन किया तो उन्होंने सभी देवताओं को आमंत्रित किया लेकिन भोलेनाथ जी को नहीं बुलाया। मां यज्ञ में जाना चाहती थीं तो भगवान शिव ने कहा सभी देवताओं को बुलाया गया है परंतु उन्हें नहीं तो ऐसे में वहां जाना ठीक नहीं है।

लेकिन बाद में भोलेनाथ ने माता को जाने की अनुमति दी जब सती घर पहुंचीं तो उन्होंने शिव जी के प्रति तिरस्कार का भाव देखा। दक्ष ने भोलेनाथ के प्रति अपमानजनक शब्द भी कहे।

ये सब माता सहन ना कर पाईं और उन्होंने यज्ञ की अग्नि में स्वयं को जलाकर भस्म कर लिया। फिर माता सती ने अगले जन्म में शैलराज हिमालय के घर में पुत्री रूप में जन्म लिया था इस कारण माता का नाम ‘शैलपुत्री’ पड़ा।

ऐसा कहा जाता है की माता की उपासना से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। मां का वाहन वृषभ है इसलिए माता शैलपुत्री को वृषोरूढ़ा और उमा नाम से भी जाना जाता है।

Maa Shailputri Mantra: मां शैलपुत्री के स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभू‍तेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

Maa Shailputri Navratri Puja
Maa Shailputri Puja: मां शैलपुत्री के बारे में जानें

Maa Shailputri Aarti: मां शैलपुत्री की आरती

शैलपुत्री मां बैल असवार। करें देवता जय जयकार। शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे। ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुख तकलीफ मिला दो। घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं। जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।

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Maa Shailputri Puja Vidhi: ऐसे करें मां की पूजा

नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान करने के बाद माता शैलपुत्री की तस्वीर स्थापित करें यदि तस्वीर न मिले तो मां दुर्गा की ही प्रतिमा की पूजा करें। शुभ मुहूर्त में ही कलश स्थापना करने के साथ व्रत का संकल्प लिया जाता है।

कलश स्थापना के बाद हाथ में लाल फूल लेकर मां शैलपुत्री का ध्यान करें। ‘ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:’, इस मंत्र का जाप 108 बार करें। आरती करें। अंत में भोग लगाएं और फिर प्रसाद सभी लोगों में वितरित करें।

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Rahul Sharma

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