Birthday Special: जब रेखा ने मुकेश के प्रपोज के चंद घंटो में ही कर ली थी शादी, जानें फिर क्यों रह गई थी इनकी अधूरी प्रेम कहानी

Birthday Special:बॉलीवुड की एक्ट्रेस रेखा (Rekha) का आज यानि 10 अक्टूबर को जन्मदिन है। रेखा अपनी पर्सनल लाइफ के कारण हमेशा सुर्खियों में रही हैं। रेखा ने दिल्ली के बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से शादी की थी। इस शादी ने रेखा को एक सरनेम दिया था,लेकिन ये शादी ज्यादा वक्त तक नहीं चली थी। आइए एक्ट्रेस रेखा (Rekha love story) की अनोखी प्रेम कहानी पर एक नजर डालते हैं।

कहते हैं कि प्यार आपको एक अलग जहां से मिलवाता है। जैसा कि कहा जाता है प्यार और जंग में हर एक चीज जायज है। लेकिन कुछ लोगों की जिंदगी में प्यार के मामले में भाग्य अहम भूमिका निभाता है। ऐसे लोगों में एक थे रेखा और मुकेश। रेखा और मुकेश की लव लाइफ अधिकतर लोगों के लिए एक रहस्य रही है।

70 और 80 की गोल्डन गर्ल रेखा (Rekha Birthday) भी उनमें से एक हैं जिनकी जिंदगी अभी भी बहुतों के लिए एक रहस्य है। रेखा के अमिताभ बच्चन के साथ रहे कथित अफेयर और मुकेश के साथ हुई रहस्यमसी शादी अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय रहती है। यहां हम एक लेखक और पत्रकार यशीर उसमान द्वारा लिखी गई किताब रेखा: द अनटोल्ड स्टोरी की कुछ बातों से रूबरू करवाते हैं जिनमें रेखा की जिंदगी के बारे में बताया गया है।

रेखा को पिता से नहीं मिला नाम

भानुलेखा के रूप में जन्मी रेखा ने अपने करियर की शुरुआत 1958 में की थी।करियर के शुरुआत में कुछ सक्सेजफुल फिल्मों के अलावा रेखा ने 70 के मध्यकाल में एक प्रसिद्ध अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान बनाई। प्रसिद्ध एक्टर जैमिनी गणेशन और अभिनेत्री पुष्पवल्ली की बेटी होने के बाद भी रेखा को कभी पिता का नाम प्राप्त नहीं हुआ क्योंकि उनके पिता ने उनको कभी भी अपनी बेटी के रूप में स्वीकार नहीं किया था। आर्थिक तंगी के कारण रेखा को अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी थी। ऐसे में महज 13 साल की उम्र में रेखा ने अपने करियर की शुरुआत की थी।

रेखा की पर्सनल लाइफ से ज्यादा प्रोफेसनल लाइफ सुर्खियों में रही है। रेखा का अमिताभ के साथ कथित अफेयर आज तक बॉलीवुड का सबसे फेमस अफेयर माना जाता है। यही कारण है कि एक्ट्रेस ये आशा रखती थीं कि उनको कोई ऐसा मिले जो उनके रिश्ते को नाम दे, ऐसे में रेखा मुकेश अग्रवाल से मिली थीं।

कौन थे रेखा के पति मुकेश अग्रवाल

मुकेश अग्रवाल (Rekha mukesh love story) एक मिडिल क्लास परिवार में जन्मे थे। मुकेश ने महज 13 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई छोड़ दी और छोटी छोटी कई नौकरी कीं। लेकिन 1970 के अंत में मुकेश ने अपना खुद का बिजनेस शुरू किया जिसमें किचन के सामान बनाए जाते थे। इस ब्रान्ड का नाम हॉटलाइन था। मुकेश का बिजनेस काफी अच्छा चल रहा था और उनका ब्रान्ड हॉटलाइन अपनी अपार सफलता के कारण सुर्खियों में रहता था। पैसे कमाने के अलावा मुकेश हमेशा दिल्ली के उच्च वर्ग का हिस्सा बनना चाहते थे।

मुकेश ग्लैमर वर्ल्ड में रहने के लिए कुछ भी किया करते थे। वह अक्सर बड़ी बड़ी पार्टी दिया करते थे जिसमें वह उस वक्त दिल्ली में मौजूद हर बड़े सेलेब्स को भी बुलाया करते थे। मुकेश के दोस्त जो एक रिटायर्ड आईपीएस ऑफिसर हैं जो दिल्ली के पुलिस कमीश्नर भी रहे हैं उनके अनुसार मुकेश एक अच्छे इंसान थे लेकिन उनको कॉम्पलेक्स था। वह चाहते थे कि दुनिया उनको जाने कि वह सबसे बड़े अगले व्यक्ति हैं। वह कभी नीचा तपका पसंद नहीं करते थे। यही कारण है कि वह सेलेब्स का आकर्षण खींचने के लिए कुछ भी करते थे।

रेखा और मुकेश की प्रेम कहानी कैसे शुरू हुई

रेखा अक्सर दिल्ली में अपनी अच्छी दोस्त और समाजसेविका बीना रमानी से मिलने आती रहती थीं। ऐसी ही एक मुलाकात में रेखा ने कहा कि वह अपनी परिवारिक जिंदगी अब जीना चाहती हैं। रेखा एक ऐसा व्यक्ति चाहती थीं जो उनको प्यार करे, शादी करे और उनको एक सरनेम दे। बीना ही थीं जिन्होंने रेखा को मुकेश से मिलवाया था। बीना ने रेखा को एक क्रेजी फैन के बारे में बताया जो एक प्रसिद्ध बिजनेसमैन था। जब बीना ने रेखा ने कहा कि क्या वह उनका नंबर उसे दे सकती हैं तो एक्ट्रेस ने मना कर दिया और खुद मुकेश (rekha mukesh aggarwal) का नंबर ले लिया।

पहले को रेखा मुकेश से बात नहीं करना चाहती थीं लेकिन दोस्त के कहने पर उन्होंने मुकेश से बात की। हालांकि दोनों की पहली बात बहुत नॉर्मल हुई थी। कहते हैं कि मुकेश ने जब रेखा की आवाज फोन पर सुनी तो उनको विश्वास नहीं हुआ कि जिस एक्ट्रेस का हर कोई दीवाना है वह उनको कॉल कर रही है। इसके बाद दोनों के बीच अक्सर बातें होने लगीं थीं। जब पहली बार रेखा और मुकेश मुबंई में मिले तो एक्ट्रेस को मुकेश की सादगी पसंद आई। वहीं दूसरी तरफ मुकेश रेखा के प्यार में डूब चुके थे। मुकेश ऐसे में रेखा को इंप्रेस करने की हर एक कोशिश में लगे हुए थे।

मुंबई में मुलाकात के बाद मुकेश के बहुत कहने पर वह दिल्ली आईं और मुकेश के फॉर्महाउस गईं जहां वह हर किसी की निगाहों का केंद्र बनी हुईं थीं। दिल्ली में रेखा को जो प्यार और सम्मान मिला उससे दोनों के बीच एक खूबसूरत रिश्ता बना। मुकेश उनके डीवा टैग के दीवाने थे। वहीं, रेखा मुकेश से पूरी तरह से इंप्रेस हो चुकी थीं। मुकेश और एक्ट्रेस दीप्ति नवल बहुत अच्छे दोस्त थे वह एक्ट्रेस से रेखा की जमकर तारीफ किया करते थे। दीप्ति के अनुसार मुकेश और रेखा ने एक दूसरे के बीते हुए कल के बारे में ध्यान नहीं दिया और दोनों एक दूसरे के प्यार में पागल थे।

रेखा ने अचानक मुकेश से शादी की

4 मार्च 1990 को रविवार के दिन अब तक मुकेश और रेखा को मिले मुश्किल से एक महीना हुआ था और वह रेखा के घर गए और शादी के लिए प्रपोज किया। रेखा ने उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। मुकेश ने रेखा से कहा कि चलो हम दोनों अभी शादी करते हैं और प्रपोज्ल के कुछ घंटों बाद ही दोनों ने उसी दिन शादी का निर्णल लिया। रेखा बहुत खुश थी कि वह शादी करने जा रही हैं और उनको एक सरनेम मिलने जा रहा है। इसके बाद शाम को रेखा के बेस्टफ्रेंड सुरिनंद के साथ जुहू में मंदिर की तलाश में गए जहां एक मंदिर में गए और मुकेश ने पुजारी से कहा कि वह अभी शादी करना चाहते हैं। पुजारी भी रेखा को देख पर आश्चर्य में था कि इतनी बड़ी स्टार ऐसे शादी क्यों कर रही थी। पुजारी ने नियमों को तोड़कर रेखा की शादी करवा दी थी। शादी के साथ ही रेखा को अग्रवाल सरनेम मिल गया था।

15 अप्रैल 1990 में पूरी रीति रिवाज के साथ रेखा की मां के सामने दोनों ने त्रिपति मंदिर में शादी की था। इस शादी में ऱेखा के पिता भी शादी में शामिल हुए थे। इसके बाद मुकेश और रेखा लंदन हनीमून के लिए गए थे। रेखा को मुकेश ने बताया कि उनके उनकी जिंदगी में भी AB थीं, जैसे उनकी लाइफ में अमिताभ बच्चन थे। रेखा से पहले मुकेश आकाश बजाज को पसंद करते थे और उनके बच्चों को भी पसंद करते थे दोनों घूमते भी थे। रेखा से जब उन्होंने शादी को उन्होंने आकाश को इस बारे में नहीं बताया था। शादी के बाद रेखा अक्सर मुकेश से मिलने दिल्ली आती थी और वह खुश होकर शादी को जी रही थीं। लेकिन दोनों की शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चली क्योंकि दोनों एक दूसरे से अलग थे।

मुकेश से रेखा दूर होने लगी थीं

1990 में विश्व व्यापी आर्थिक तंगी में मुकेश भी इसकी चपेट में आए थे, इससे रेखा भी पेरशान थीं, इससे दोनों की शादी में परेशानी शुरू हुईं थी। रेखा अब दिल्ली कम आना शुरू कर दिया था। ऐसे में मुकेश शकी हो गए थे और रेखा के काम करने को पसंद नहीं कर रहे थे। जब रेखा दिल्ली में कम आने लगीं तो मुकेश बिजनेस को उठाने की जगह मुंबई रहने लगे और ब़ॉलीवुड पार्टियों में घूमने लगे थे। इसी बीच मुकेश डिप्रेशन में चले गए थे, लेकिन रेखा को इस बारे में पता नहीं था। रेखा मुकेश से अलग होना चाहती थीं क्योंकि वह अपनी शादी में खुश नहीं थीं। ऐसे में मुकेश को खुद से दूर करने के लिए उन्होंने पति का फोन लेना भी बंद कर दिया था। मुकेश ताममा प्रयासों के बाद भी रेखा को वापस नहीं पा रहे थे।

मुकेश ने कर ली सुसाइड

ऐसे में 10 सिंतबर को रेखा को फोन किया और राजी खुसी से तलाक को दोंनों तैयार हो गए थे।लेकिन 2 अक्टूबर 1990 तक भी को मुकेश आगे नहीं बढ़ पाए थे और अपने जीवन का अंत कर लिया । मुकेश ने अपनी पत्नी रेखा के दुप्पटे से अपनी जान दे दी थी। दोनों की शादी केवल 7 महीने ही चली थी। रेखा को मुकेश की मौत को जिम्मेदार माना गया। रेखा ने दिल्ली एक्स कमीश्नर को बताया था कि वह नार्मल फेमिली लाइफ के लिए वह बॉलीवुड छोड़ना चाहती थी लेकिन भाग्य ने रेखा के लिए कुछ और ही सोच रखा था।

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