Babri Masjid Demolition Case: बाबरी मस्जिद मामले में ये 32 लोग हुए बरी, कोर्ट के फैसले से लेकर हर एक अपडेट को पढ़ें

Babri Masjid Demolition Case: बाबरी मस्जिद [Babri Msjid] विवादित ढांचे के विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत [CBI Special Court] ने बुधवार 30 सितम्बर को अपना फैसला सुना दिया। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या [Ayodhya] स्थित बाबरी मस्जिद के ढांचे के विध्वंस के मामले में आरोपी सभी 32 आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत के द्वारा बरी कर दिया गया है। विशेष अदालत ने 16 सितम्बर को मामले का फैसला सुरक्षित कर दिया था और 30 सितम्बर को फैसला सुनाये जाने की घोषणा की थी।

सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश एसके यादव [S.K.Yadav] ने 16 सितम्बर को मामले के आरोपी सभी लोगों को अदालत में उपस्थित रहने के लिए कहा था। इस मामले के आरोपी भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी [Lal Krishn Advaani] और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर [Murali Manohar Joshi , उत्तर प्रदेश [Uttar Pradesh] के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह [Klyan Singh] ,उमा भारती [Uma Bharti]और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास अपने निजी कारणों से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके।

विशेष अदालत का फैसला [Verdict of Special Court]

विवादित ढांचे की जाँच की सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत के द्वारा की जा रही थी। 30 सितम्बर को अदालत ने मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि ढांचा का विध्वंस पूर्वनियोजित नहीं था। इस मामले में साक्ष्य के तौर पर पेश किये गए विडिओज़ [Videos] और फोटोज [Photos] से ये साबित नहीं होता कि विध्वंस पूर्वनियोजित था। न्यायाधीश [Justice] ने कहा सीबीआई [CBI] द्वारा लगाए गए आरोपों के विरुद्ध पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। ये घटना आकस्मिक थी और उन्मादी भीड़ के द्वारा की गई थी।

विवादित ढांचे के आरोपी ( accused of disputive)

विवादित ढांचे में 32 मुख्य आरोपी थी जिनमे कई लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है। ढांचा मामले के आरोपी भाजपा के वरिष्ठ नेता उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी , भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी , विश्व हिन्दू परिषद नेता अशोक सिंघल ,महंत अवैद्यनाथ , परमहंस रामचंद्र दास , तत्कालीन शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे ,तत्कालीन उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री कल्याण सिंह , भाजपा नेता विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा ,श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ,चम्पत राय ,विनय कुमार राय,महाराज स्वामी साक्षी ,नवीन भाई शुक्ला ,आर एन श्रीवास्तव ,सुधीर कुमार कक्कड़ ,जयभान सिंह पवैया ,डॉ राम विलास वेदांती ,महंत धर्मदास, कमलेश त्रिपाठी ,रामचंद्र खत्री ,अमर नाथ गोयल, बृज भूषण शरण सिंह ,पवन कुमार पांडेय धर्मेंद्र सिंह गुर्जर ,महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज , बैकुंठ लाल शर्मा ,डॉ सतीश शर्मा ,विष्णु हरी डालमिया ,विनोद कुमार बंसल ,रमेश प्रताप सिंह,लक्ष्मी नारायण दास ,महा त्यागी हरगोविंद सिंह ,तत्कालीन एसएसपी डीबी राय आदि हैं।

विशेष अदालत के फैसला आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा –

सीबीआई की विशेष अदालत के निर्णय का स्वागत है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित हो पूज्य संतों ,भाजपा नेताओं ,विहिप पदाधिकारियों ,समाजसेवियों को झूठे मुकदमों में फँसाकर बदनाम किया गया। इस षड़यंत्र के लिए इन्हे जनता से माफ़ी माँगनी चहिये।

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