बिहार चुनाव: करोड़ों रूपये लगाकार कोसी-मिथिलांचल को जोड़ने वाले महासेतु तैयार-जानें इसके बारे में सबकुछ

बिहार [ Bihar ] में इस साल के अंत में विधान सभा [Bihar election] चुनाव होने हैं और इसी बीच राज्य को केंद्र सरकार [ Central Government] से एक बाद एक नयी सौगात मिलती जा रही है। बिहार में दूसरे एम्स [AIIMS] को हरी झंडी देने के बाद 18 सितम्बर यानी आज ही केंद्र सरकार की ओर से एक और नया तोहफा मिला है । विधान सभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने बिहार राज्य में मिथिलांचल [Mithilanchal] को जोड़ने वाले कोसी रेल महासेतु [Kosi Rel Mega Bridge] का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Narendra Modi ] ने 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना का पदार्पण किया है । इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने समस्तीपुर रेलमंडल [Samastipur] की कई योजनाओं के साथ सुपौल से असानपुर कुपहा डेमू रेल के परिचालन का भी उद्घाटन किया ।

बिहार के उपमुख्यमंत्री [Deputy Chief Minister] सुशील कुमार मोदी Sushil Kumar Modi] ने भी ट्वीट [Tweet] कर इन परियोजनाओं के बारे में बताया है। उन्होंने लिखा ,”आज प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रदत्त रेलवे परियोजना से बिहार के धार्मिक पर्यटन क्षेत्र में गति आएगी विश्व का प्रथम गणराज्य वैशाली रेलवे के मानचित्र पर आ गया है। साथ ही बौद्ध धर्म के प्रचीन स्थान जेठियान रेलवे से जुड़ गया है। बौद्ध और जैन तीर्थस्थल को बढ़ावा मिलेगा”।

उन्हने आगे लिखा ,”आज बिहार में चार रेलखंडों का विधुतीकरण का कार्य पूर्ण होकर रेल का परिचालन हो रहा है ।बिहार में 90 % रेल मार्ग का विद्युतीकरण हो चुका है। इससे रेलवे को तेल में प्रतिवर्ष 1500 करोड़ की बचत संभावित है बाढ़ NTPC बिजली घर को भी निर्बाध कोयले की आपूर्ति से बिहार को अनवरत बिजली मिलेगी ”

कोसी रेल महासेतु का इतिहास काफी पुराना है। 1887 निर्मली और भपटियाही के मध्य एक मीटर गेज लिंक बना था जो 1934 के भयंकर भूकंप में ध्वस्त हो गया था। इसके बाद कोसी और मिथिलांचल दो हिस्सों में बंट गया एक लम्बे समय के बाद 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेई [Atal Vihari Vajpai] द्वारा कोसी मेगा ब्रिज लाइन की आधारशिला निर्मली के एक समारोह में रखी गई और अब इस लम्बे अंतराल के बाद इस महासेतु का उद्घाटन प्रधान मंत्री मोदी जी के द्वारा किया गया।

कोसी और मिथिलांचल को जोड़ने वाले इस महासेतु की लम्बाई 1. 9 किलोमीटर है कोसी और मिथिलांचल से जुड़ने वाले इस सेतु के लिए लोगों को थोड़े दिन और इंतज़ार करना पड़ेगा। 516 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाला ये महासेतु बिहार के लोगों की 300 किलोमीटर की दूरी के 22 किमी में बदल देगा।

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