रूसी कोरोना वैक्सीन की बनेगी 30 करोड़ खुराक, भारतीयों के लिए होगी 10 करोड़

कोरोना महामारी से पूरा विश्व पीड़ित है ऐसे में सभी कोरोना वैक्सीन [coronavirus vaccine] बन जाने का इंतज़ार कर रहे हैं। भारत में भी कोरोना वैक्सीन ट्रायल पर है । लेकिन रूस [Russia] पहला ऐसा देश है जिसने वैक्सीन बनाने का दवा किया है रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन [Vladimir Putin] ने 11 अगस्त [ 11 August ] को Sputnik-V वैक्सीन के सफल होने का ऐलान किया था। Sputnik -V के तीसरे फेज का ट्रायल 26 अगस्त से शुरू हो चुका है।

तीसरे फेज के ट्रायल में करीब 40 हज़ार लोग भाग लेंगे । रूस की तरफ से भारत के लिए वैक्सीन को लेकर बहुत बड़ी खुशखबरी है। रूस भारत को Sputnik -V की 10 करोड़ खुराक देने को तैयार हो गया है। भारत की डॉ रेड्डीज लैब [Dr Reddies Lab] और रूस की वैक्सीन बनाने वाले रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फण्ड [RDIF ] के बीच वैक्सीन को लेकर समझौता हुआ है। रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फण्ड ने भारत की कंपनी के साथ 30 करोड़ वैक्सीन की खुराक के उत्पादन का समझौता किया है । भारत में अब डॉ रेड्डीज लैब वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल शुरू करेगा।

जबकि भारत में भी स्वदेशी ‘कोवैक्सीन’ को दूसरे चरण में ट्रायल की मिली मंजूरी मिल चुकी है। कोरोना संक्रमण भारत में अपने चरम पर है। अब तक 40लाख से भी ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। कोरोना की रोकथाम के लिए भारत में वैक्सीन बनाने के काम में कई कंपनियां लगी हैं इनमें से एक Bharat Bio-Tech भारत बायो टेक द्वारा विकसित की जा रही स्वदेशी कोवैक्सीन co-vaccine को ड्रग रेगुलेटरी द्वारा ट्रायल के दूसरे चरण की मंजूरी दे दी गई है।

भारत बायो टेक द्वारा निर्मित की जा रही वैक्सीन के दूसरे चरण का ट्रायल 7 सितंबर से प्रारंभ हो चूका है। सूत्रों की मानें तो Vaccine दूसरे चरण के लिए बिल्कुल तैयार है। इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में ट्रायल के मुख्य निरीक्षक डॉक्टर ई. वेंकट राव के अनुसार दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही पहले चरण की प्रक्रिया जारी है।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बनाई जा रही वैक्सीन को प्रथम चरण में देश के कई अलग अलग हिस्सों में जांचा गया है । डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस के अनुसार 3 सितंबर को भारत बायो टेक द्वारा निर्मित की जा रही वैक्सीन को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स के बीच वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में वैक्सीन को दूसरे चरण में भेजने की बात हुई है।

Corona वैक्सीन को ट्रायल के दूसरे चरण में 380 वॉलंटियर्स पर टेस्ट किया जाएगा Corona Vaccine का डोज दिए जाने के 4 दिन बाद सभी वॉलंटियर्स के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की जाएगी इससे पहले वॉलंटियर्स को वैक्सीन देकर उनके ब्लड सैंपल से वैक्सीन का शरीर पर प्रभाव और एंटी बॉडी के लेवल का पता लगाया गया था।

डॉक्टर राव के अनुसार वैक्सीन के पहले चरण में कोई साइड इफेक्ट्स नहीं मिलें हैं Covaccine को भारत बायो टेक Bharat Bio Tech और आई सी एम आर [ICMR] ने मिलाकर बनाया है। कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों में भारत बायो टेक ही एक ऐसी कंपनी है जिसे सरकार के द्वारा दूसरे चरण की मंजूरी मिली है। भारत में मार्च महीने से कोरोना संक्रमण फैला है लेकिन लॉकडाउन के चलते इसका प्रभाव थोड़ा कम था। अनलॉक होने के बाद से ही देश में कोरोना से लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं ।

फिलहाल ये तय नहीं हुआ है कि भारत में रूसी वैक्सीन किस कीमत पर उपलब्ध होगी [RDIF ] पहले ही ये बता चूका है की इस वैक्सीन के माध्यम से वे आर्थिक लाभ नहीं कमाना चाहते हैं

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