देश के इन मुख्यमंत्रियों का CM पद पर रहते हुए था निधन, जयललिता से लेकर मनोहर पर्रिकर तक लिस्ट में शामिल

एक राजनेता के लिए किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है। लेकिन देश के कई ऐसे में भी बड़े मुख्यमंत्री हैं जो अपने पद पर रहते हुए इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। अगर इतिहास की ओर नजर दौड़ते हैं तो कई ऐसे मुख्यमंत्री हुए जिन्होंने अपनी जान सीएम पद संभालते हुए गवांई। इस लिस्ट में कई बड़े और नामी मुख्यमंत्रियों के नाम शामिल हैं। आइए आज ऐसे ही मुख्यमंत्रियों के बारे में बताते हैं जिनका निधन अपने कार्यकाल के दौरान ही हुआ है-

Gopinath Bordoloi

गोपीनाथ बोरदोलोई असल के पहले मुख्यमंत्री थे। गोपीनाथ ने भारतीय सुरक्षा के लिए चीन और पाकिस्तान के खिलाफ सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ मिलकर काम किया। गोपीनाथ का निधन 6 अगस्त 1950 को हुआ था, उनको मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

Ravi Shankar Shukla

1956 में रविशंकर शुक्ला मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने थे।लेकिन 31 दिसंबर 1956 को रविशंकर का निधन हो गया था।

Shri Krishna Singh

श्री कृष्ण सिंह बिहार के पहले मुख्यमंत्री थे। 1937 में ब्रिटिश शासन में कांग्रेस के चुनाव जीतने के समय से ही 1961 तक सीएम के पद पर रहे। इसी पद पर रहते हुए 31 जनवरी 1961 को श्री कृष्ण का निधन हुआ था।

Marotrao Kannamwar

नव-निर्मित महाराष्ट्र राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री कन्नमवार थे। उन्होंने 1962 में वाईबी चव्हाण का स्थान लिया, लेकिन केवल एक वर्ष और चार दिन के कार्यकाल के बाद उनकी मृत्यु हो गई थी।

Balwantrai Mehta

बलवंतराय मेहता 1965 में भारत पाकिस्तान युद्ध में विमान पर गोली लगने से घायल हो गए थे। उस वक्त वह भारतीय सीमा को मौयना लेकर लौट रहे थे। इसके घटना में उनकी मौत हो गई थी।

CN Annadurai

अन्ना नाम से अन्नादुरई प्रसिद्ध थे। सन् 1967-1969 तक मद्रास के पांचवें और आखिरी मुख्यमंत्री वह बने थे। इसके बाद ही राज्य का नाम बदलने पर भी वह तमिलनाडु के पहले सीएम बने। लेकिन केवल 20 दिनों तक ही पद संभालने के बाद फरवरी 1969 में कैंसर से उनका निधन हो गया था।

Dayanand Bandodkar

भाऊसाहेब नाम से लोकप्रिय रहे बंदोदकर फेमस सीएम में से एक माने जाते हैं। दयानंद पुर्तगाली शासन से मुक्ति के बाद गोवा के पहले मुख्यमंत्री थे। वह 1963, 1967 और 1972 में चुनाव जीते और 1973 में मृत्यु तक सत्ता में बनें रहे थे।

Barkatullah khan

राजस्थान के एकमात्र मुस्लिम मुख्यमंत्री खान ने जिनका दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया था। वह 9 जुलाई, 1971 से 11 अक्टूबर, 1973 तक दो साल तक सीएम पर विराजमान रहे थे।

Sheikh abdulla

शेर-ए-कश्मीर नाम से शेख अब्दुल्ला फेमस रहे हैं। जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस पार्टी के शेख संस्थापक थे। 1982 में अपनी मृत्यु तक वे मुख्यमंत्री बने रहे थे।

MG Ramachandran

एमजीआर के रूप में लोकप्रिय एमजी रामचंद्रन तमिल फिल्मों के राजा कहे जाते थे। वह मुख्यमंत्री बनने वाले पहले एक्टर थे। उन्होंने 1977 से 10 साल तक तमिलनाडु का नेतृत्व किया। 1987 में उनका निधन हो गया था।

Chimanbhai Patel

चिमनभाई पटेल ने भ्रष्टाचार के आरोपों में नव निर्माण आंदोलन के तहत कार्यालय से बाहर कर दिया गया। लेकिन जब वह दूसरी बार सीएम बनें तो उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और 17 फरवरी, 1994 को अपनी मृत्यु तक सत्ता में रहे।

Beant Singh

1993 से 1995 तक बेअंत सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। 31 अगस्त, 1995 को कार बम में आतंकियों ने इनकी जान ले ली।

YS Rajasekhara Reddy

वाईएसआर 2004 से 2009 के दौरान दो बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान 3 सितंबर, 2009 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में इस मुख्यमंत्री का निधन हो गया था।

Dorji Khandu

2007 में गेगांग अपांग की जगह अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू बनाए गए थे। इसके बाद 2009 एक बार फिर में फिर से सीएम चुने गए लेकिन 30 अप्रैल, 2011 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना उनका निधन हो गया था।

Mufti Muhammad Saeed

मुप्ती मुहम्मद सईद दो बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे थे। सईद की मृत्यु सात जनवरी 2016 को कई अंगों के फेल हो जाने से हुई। उस वक्त वह बीजेपी के साथ सरकार बनाकर मुख्यमंत्री थे।

J Jayalalithaa

तमिलनाडु की पांचवी बार मुख्यमंत्री रहने के दौरान पांच दिसंबर 2016 को मृत्यु हो गई थी। जयललिता का जाना उनके चाहने वालों के लिए एक झटका था।

Manohar Parrikar

मनोहर पार्रिकर बेस्ट मुख्यमंत्रियों में से एक माने जाते हैं। चार बार गोवा के सीएम रहे 63 वर्षीय पर्रिकर लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। कैंसरे के कारण वह सीएम के पद ही थे जब उनका निधन हुआ था।

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